एक हल्या (हल लगाने वाला) अपने बुड़े बेलो को देखकर ये सोच रहा है,
और मन हि मन मैं गुनगुना रहा है,.......
चल मेरी डागी अभी तिन सारा पुगडा होल लगान.
तभी जन तिन और मीन घर..
चल चल डीस देख ना..
तीर ना देख उकाली उनधार..
चल मेरी डागी अबी तिन सारा पुगडा होल लगान...
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Tuesday, April 6, 2010
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